जीवन पर सदगुरु के अनमोल प्रेरणादायक विचार जो आपकी जिंदगी बदल देंगे

हैलो दोस्त, आपका इस नए पोस्ट में स्वागत है। अगर आप इंटरनेट पर ‘सदगुरु के अनमोल विचार‘ की तलाश कर रहे है तो आप की तलाश यहा ख़त्म हो जाएगी, क्युकि अगले कुछ क्षणों में आप ‘सद्गुरु के अनमोल विचारो’ का संग्रह पढ़ेंगे, जो जीवन के लिए आपके सोच को पूरी तरह से बदल देगा, तो इस पोस्ट को शुरू से अंत तक जरूर पढ़े।

इस पोस्ट में मैं आपके लिए ‘सद्गुरु के अनमोल प्रेरणादायक विचार (Sadhguru Quotes in Hindi)‘ का संग्रह लेकर आया हूँ, जो अपने इनर इंजिनीरिंग विचारो से आपके मन मस्तिष्क में जीवन के लिए नई चेतना का विकास करेगा, जिससे आप जीवन को सही रूप में देख पाएंगे, अनुभव कर पाएंगे और अपने जीवन को सुखमय बना सकेंगे।

सद्गुरु कौन है?

जग्गी वासुदेव जी का जन्म 3 सितम्बर 1957 को हुआ था। दुनिया इन्हे सद्गुरु के नाम से जानती है। आपने ईशा फाउंडेशन का नाम तो सुना ही होगा। सद्गुरु जी ईशा फाउंडेशन के सस्थापक है। ईशा फाउंडेशन दुनिया भर में लोगो को योग सीखाता है। सद्गुरु एक लेखक भी है। उन्होंने 8 भाषाओ में 100 से अधिक पुस्तकों की रचना भी की है। इनके विचार जीवन को सही रूप में समझने और जीने की प्रेरणा देते है।

कुछ ऐसे ही सद्गुरु जी के विचार यहां आपको पढ़ने को मिलेंगे, जो जीवन को लेकर आपके रूढ़िवादी सोच और भ्रांतियों को तोड़ेंगे और आपको एक सुखी प्रसन्नमय जीवन जीने के लिए प्रेरित करेंगे।

Sadhguru Quotes in Hindi

कुछ बेस्ट Sadhguru Quotes हिंदी में निचे लिखे गए है –

1. “जैसे ही आपका मन पूरी तरह स्थिर हो जाता है, आपकी बुद्धि मानवीय सीमाओं से परे चली जाती है।”

2. “अगर आप आनंद चाहते है, तो आपको भीतर की और मुड़ना होगा, क्युकि आपके अंदर पैदा होता है।”

3. “अगर आपकी ख़ुशी इस बात पर निर्भर करती है कि बाहर क्या हो रहा है, तो आप हमेशा बाहरी परिस्थितियों के गुलाम बने रहेंगे।”

4. “जब तक आप यह सोचते है कि आप जैसे है, उसके लिए कोई दूसरा जिम्मेदार है, तब तक आप वैसे नहीं बन सकते जैसे आप होना चाहते है।”

Sadhguru Quotes on Success in hindi

5. “अगर असफल होने का जोखिम न हो, तो कोई सफलता भी नहीं हो सकती।”

6. “अगर आप यह जानते है कि अपने भीतर सहज कैसे रहा जाये, तो हर परिस्थिति एक अवसर बन जाती है।”

सफलता पर सद्गुरु के विचार

7. “यह जीवन बहुत छोटा है, इसलिए छोड़ देने या हार मान लेने का कोई विकल्प नहीं है।”

8. “जीवन में असफलता जैसी कोई चीज नहीं है। असफलता सिर्फ उनके लिए होती है, जो खुद की तुलना दुसरो से करते रहते है।”

9. “जब आप अपनी चेतना के शिखर पर काम करना सीख लेते है, तो हर चीज एक खेल बन जाती है।”

10. “आत्मज्ञान का मतलब है अपने सीमित व्यक्तित्व को विसर्जित कर देना। व्यक्तित्व के न होने से आपकी उपस्थिति असीमित हो जाती है।”

11. “दुनिया आपके साथ क्या करती है, इसको लेकर आपके पास कोई विकल्प नहीं है। लेकिन आप उससे क्या बनाते है, यह पूरी तरह से आपके ऊपर है – यही कर्म है।”

12. “अगर हम व्यक्तिगत रूपांतरण के लिए काम नहीं करते, तो विश्व शांति के बारे में बात करना सिर्फ मनोरंजन ही है।”

13. “अगर आप हर चीज को उत्सव के रूप में लेते है, तो आप गंभीर हुए बिना, जीवन में पूरी तरह से शामिल होना सीख जाते है।”

14. “खुद को इस तरह बनाना चाहिए कि जब आपके जीवन में मौके आये, तो आपका शरीर और मन आपको रोककर न रखे।”

15. “आप जो भी कर रहे है, उसको लेकर जैसे ही आपके अंदर स्पष्टता आ जाती है, फिर दुसरो की रॉय मायने नहीं रखती।”

जीवन पर सद्गुरु के विचार

16. ईमानदारी और निष्ठा का सम्बन्ध कार्य से नहीं है, बल्कि उसके मकसद से है कि आप जो कर रहे है, क्या वह हर किसी की भलाई के लिए है या आपके निजी फायदे के लिए है।”

17. “किसी ऐसी चीज का निर्माण करना जो वाकई में हर किसी के लिए फायदेमंद हो – इसके लिए प्रेरणा की और पागलपन की हद तक कार्य करने की जरूरत होती है।”

18. “जब चुनौतीपूर्ण हालात पैदा होते है, तभी इंसान अपनी सामान्य अवस्था से ऊपर उठकर बहुत अधिक बेहतर बन सकता है।”

19. “जब आपकी खुद की प्रकृति ही सहज और सुखद बन जाती है, तब आपमें तनाव जैसी कोई चीज नहीं रह जाती।”

20. “रहस्यवाद कोई फिलॉसोफी या विश्वास-प्रणाली नहीं है। यह इंसान के अंदर जानने, अनुभव करने, और अपने वर्तमान सीमाओं से परे के आयामों की खोज करने की स्वाभाविक लालसा का परिणाम है।”

21. “इससे पहले कि आप दुसरो से वैसा बनने की उम्मीद करे, जैसा आप चाहते है, आप खुद को वैसा बनाये जैसा आप खुद को बनाना चाहते है।”

22. ” जीवन से बड़ा कोई शिक्षक नहीं होता।”

23. “इंसान आत्म-प्रतिष्ठा की बीमारी से पीड़ित है। इस धरती पर, हम जीवन का बस एक और रूप है।”

प्रेम पर सद्गुरु के विचार

24. “ज्यादातर लोगो के लिए प्रेम का मतलब है, ‘तुम वही करो, जो मै चाहता हूँ’ नहीं, प्रेम का मतलब है कि वे जो चाहे करे, पर हम उन्हें तब भी प्रेम करते है।”

25. “आप खुद को हमेशा इस तरह से बनाये कि आप हमेशा समाधान का एक हिस्सा बने, न कि समस्या का।”

26. “आप जो है, आपको कल इससे थोड़ा बेहतर होना चाहिए। यह प्रयास हमेशा जारी रहना चाहिए।”

आध्यात्मिकता पर सद्गुरु के विचार

27. “आध्यात्मिकता का उस माहौल से कोई लेना-देना नहीं है, जिसमे आप रहते है। इसका सम्बन्ध उस माहौल से है, जो आप अपने अंदर बनाते है।”

28. “सहभागिता, प्रतियोगिता से कहि ज्यादा शक्तिशाली है। आपका शरीर दिमाग बेहतरीन तब काम करते है जब आप प्रसन्न और शांत रहते है, न कि जब आप बहुत दबाव में रहते है।”

29. “एक इंसान बहुत ही परिष्कृत यंत्र प्रणाली है। अगर आप सही तालमेल में है, तो आप सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का अनुभव अपने अंदर करने के काबिल हो जाते है।”

30. “समस्या जैसी कोई चीज नहीं होती, सिर्फ परिस्थितिया होती है। आप उन्हें देखते कैसे है, पूरा इसी से तय होता है।”

31. “डर का मतलब है कि आप किसी ऐसी चीज को लेकर दुखी हो रहे है, जो शायद भविष्य में हो या हो ही नहीं। यह अपनी यादाश्त, वर्तमान अनुभव, और अपनी कल्पना को गुथने का नतीजा है।”

ख़ुशी पर सद्गुरु के अनमोल विचार

32. “आप किसी के साथ कितनी खूबसूरती से जुड़ सकते है, यह सिर्फ आपके इच्छुक होने, लचीलेपन और आपकी ख़ुशी पर निर्भर करता है।”

33. “अगर दो लोग साथ आते है, तो यह संगत अपने आनंद को साझा करने के लिए होना चाहिए, न कि एक-दूसरे से ख़ुशी निचोड़ने के लिए।”

34. “सुख, आनंद की बस एक झूठी छवि है। यह प्यारा है, पर यह प्रतिबिम्ब मात्र है।”

35. “अगर आप सचमुच हर किसी के खुशहाली का परवाह करते है, तो आपको अपने जीवन की चिंता नहीं करनी होगी – दुनिया आपका ख्याल रखेगी।”

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36. “डर, गुस्सा और तनाव ऐसे जहर है, जो आप अपने अंदर पैदा करते है। अगर आप अपना नियंत्रण अपने हाथ में ले ले, तो आप आनंद का रसायन पैदा कर सकते है। आतंरिक खुशहाली के लिए खुद को गढ़े।”

37. “इंसान को अपनी सम्भावनाओ में विकसित होने के लिए ये जरूरी नहीं की वे जबरदस्त जानकारी, क्षमता, या योग्यता से संपन्न हो, इसके लिए बस इतना ही करना चाहिए कि जो भी करे उसके लिए समर्पित हो।”

38. “आपके पास कोई योजना है ये अच्छी बात है, लेकिन आपके पास किसी मकसद का होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर आपके पास कोई मकसद है, तो योजनाए खुद-ब-खुद बनेगी और जाहिर होंगी।”

39. “यह मायने नहीं रखता कि लोग आपके ऊपर कौन सा लेबल लगाते है, अगर आप चाहे, आप अपनी मानसिक ढांचा को बदल सकते है।”

40. “अगर आप अपनी आकांक्षाओं के महत्व् की कद्र नहीं करते, तो आप अपने भविष्य की कद्र नहीं करते।”

41. “हमारे अंदर जो होता है, वह कभी भी हमारे आस-पास होने वाली चीजों से तय नहीं होता। लेकिन दुर्भाग्य से, हम उसे अपने आस-पास होने वाली चीजों से जोड़ देते है।”

42. “अगर आप अपने ध्येय व् लक्ष्य को करुणा से नहीं भिगोते है, तो आप खुद के लिए और अपने आस-पास हर किसी के लिए मुसीबत बन सकते है।”

43. “आप अतीत को याद कर सकते है। आप वर्तमान को अनुभव कर सकते है। पर आप भविष्य का निर्माण कर सकते है।”

44. “जीवन कोई दौड़ नहीं, यह एक अद्भुत घटना है।”

45. “अनुशासन का मतलब नियंत्रण नहीं है। इसका मतलब है – जो भी किये जाने की जरूरत है, ठीक वही करने की आपके पास समझ होना।”

शांति पर सद्गुरु के विचार

46. “जीवन शांति के बारे में नहीं है, अगर आप शांति नहीं जानते तो आप जीवन को कभी नहीं जान पाएंगे।”

47. “अगर आप अपने शरीर, मन, दिल और अपने वजूद को मधुर और शानदार बना लेते है, और आप नर्क में भी चले जाते है, तो वहाँ भी आप अच्छे से रहेंगे।”

48. “विचार एक रास्ते की तरह है – यह आपको कही नहीं ले जाता, लेकिन यह आपके जीवन की दिशा तय कर सकता है। तब भी आपको यात्रा तो करनी ही होगी।”

49. “इंसान होने का मतलब है कि उस हर प्राणी और हर चीज, जिसके संपर्क में आप जाते है, उसके लिए सचेतन रूप से, जो भी उत्तम हो सके वो करे।”

50. “जीवन बस संयोगवश नहीं चलता – हर चीज कारण-परिणाम नियम के अंतर्गत घटित होती है।”

51. “सिर्फ इंसान ही नहीं, इस धरती का हर जीव अपने जीवन को बेहद कीमती मानता है।”

52. “इंसान होने का अर्थ यह जानना है कि अपने अंदर किस तरह से होना है। आपके होने का तरीका, किसी व्यक्ति या चीज के द्वारा तय नहीं किया जाना चाहिए।”

शिक्षा पर सद्गुरु के विचार

53. “सही अर्थ में देखा जाये, तो शिक्षा को मानव बोध और चेतना का विस्तार करने का साधन होना चाहिए, न कि एक बड़ी मशीन के खांचे में फिट बैठने वाले इंसान पैदा करना।”

योग पर सद्गुरु के विचार

54. “योग की प्रक्रिया में होने का मतलब है कि आपने अपने जीवन को ‘फ़ास्ट-फॉरवर्ड’ मोड पर रखा है।”

55. “अधिकतर योगाभ्यास ऊर्जा-शरीर पर काम करते है, क्युकि अगर आपका ऊर्जा-शरीर पूरी जीवंतता और समुचित संतुलन में है, तो स्वाभाविक रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ अच्छा रहेगा।”

56. “जब आप ध्यान में उतरने लगते है, तो संगीत का माधुर्य स्वाभाविक रूप से आपके जीवन का हिस्सा बन जाता है। हर चीज स्पंदन है – हर चीज ध्वनि है।”

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तो यह था हमारा ‘Sadhguru Quotes in Hindi‘ संग्रह। उम्मीद है आपको यह संग्रह पसद आयी होगी। अगर आप इन विचारो को अपने जीवन में अनुसरण करते है तो आप आप निश्चित रूप से एक बेहतर जीवन जी पाएंगे। और हा, इस पोस्ट को पढ़ने के बाद, आपको अपना कोई एक सुझाव या प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में देकर ही जाना है। हम आपसे इतना तो एक्सपेक्ट कर ही सकते है।

अगर यह पोस्ट आपके जीवन में और जीवन के लिए आपके सोच में थोड़ा सा भी परिवर्तन लाने में समर्थ हुआ हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे, ताकि सद्गुरु के यह विचार उनके जीवन का भी मार्गदर्शन कर सके। वेबसाइट में आने के लिए आपका धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।

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